आज जनमत का बड़ा हिस्सा डिजिटल मंचों पर बनता है. सवाल यह है कि शोर और सूचना के बीच विवेक कैसे बचाया जाए.
यह लेख तथ्य-जांच, जिम्मेदार संवाद और नागरिक भूमिका पर केंद्रित है.
आज जनमत का बड़ा हिस्सा डिजिटल मंचों पर बनता है. सवाल यह है कि शोर और सूचना के बीच विवेक कैसे बचाया जाए.
यह लेख तथ्य-जांच, जिम्मेदार संवाद और नागरिक भूमिका पर केंद्रित है.